औरत
रोती हूँ फिर हंसती हूं,
बैठी हूँ थक कर ,
पर हारी नही।
हिम्मत टूटी है,
मैं नही।
खड़ी हूँ डट कर,पर हारी नही।
आँसू है मेरी ताक़त,
कमजोर मैं नही।
खो कर खुद को,घर बनाती हूँ,
खुद को कभी ढूँढती नही।
बैठी हूँ थक कर,
हारी नही।
बैठी हूँ थक कर ,
पर हारी नही।
हिम्मत टूटी है,
मैं नही।
खड़ी हूँ डट कर,पर हारी नही।
आँसू है मेरी ताक़त,
कमजोर मैं नही।
खो कर खुद को,घर बनाती हूँ,
खुद को कभी ढूँढती नही।
बैठी हूँ थक कर,
हारी नही।
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